टिकट वितरण में उम्र, कामकाज और छवि होंगे अहम; राजस्थान-मध्यप्रदेश की तर्ज पर उतारे जाएंगे नए चेहरे

भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार चयन लगभग अंतिम कर लिया है। 4–5 अक्टूबर को चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, सह प्रभारी केशव प्रसाद मौर्य और सीआर पाटिल ने राज्य नेतृत्व के साथ बैठक कर टिकट बंटवारे पर चर्चा की।
सूत्रों के मुताबिक, इस बार 25 से 30 मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जाने की संभावना है। पार्टी ने उम्र, कार्य प्रदर्शन, लोक छवि और एंटी-इंकम्बेंसी जैसे कारकों को टिकट वितरण का आधार बनाया है।
भाजपा इस रणनीति पर भी विचार कर रही है कि राजस्थान और मध्य प्रदेश की तरह केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को बिहार विधानसभा चुनाव में उतारा जाए। सीट बंटवारे का फार्मूला लगभग तय है और उम्मीदवारों की सूची जल्द केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी।